रुचि के स्थान

​भारत और नेपाल की सीमा पर स्थित सिद्धार्थनगर उत्तर प्रदेश के लोकप्रिय जिलों में से एक है जो तीर्थयात्रियों, पार्कों, मनोरंजन केंद्रों, शॉपिंग सेंटर, पिकनिक स्पॉट्स, घाट आदि जैसे सुविधाओं के लिए जाना जाता है। कई पर्यटक और विभिन्न धर्मों के अनुयायी हर साल सिद्धार्थ नगर आते हैं। कई निजी एजेंसियों के साथ राज्य सरकार और केंद्र सरकार सिद्धार्थ नगर आने वाले पर्यटकों का अभिनन्दन एवं स्वागत करता है । सिद्धार्थनगर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अच्छी परिवहन सुविधा की आवश्यकता है।

पर्यटक स्थान हैं:

(1)पिपरहवा स्तूप :

ALT पिपरहवा पिपरहवा उत्तर प्रदेश राज्य के सिद्धार्थनगर जिले में बर्डपुर क़स्बा के पास एक गांव है।  इस क्षेत्र में सुगंधित कालानमक चावल  का उत्पाद होता है । पिपरहवा अपने पुरातात्विक स्थल एवं खुदाई के लिए जाना जाता है | एक विशाल स्तूप और कई मठों के खंडहर का अवशेष अवस्थित है।  कुछ  विद्वानों  का मत है कि पिपरहवा गंवरिया शाक्य साम्राज्य की राजधानी कपिलवस्तु के प्राचीन शहर की जगह है जहां भगवान बुद्ध ने अपने जीवन काल के पहले 29 साल व्यतीत किये थे

(2)भारतभारी मंदिर:

भारत भारी मंदिर उत्तर प्रदेश राज्य के सिद्धार्थनगर जनपद के डुमरियागंज ब्लॉक में स्थित है। यह जिला मुख्यालय नौगढ़  से पश्चिम की ओर 65 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह डुमरियागंज से 05 किमी दूर और राज्य की राजधानी लखनऊ से 210 किमी  की दूरी पर स्थित है। माधली (2 किमी), समदा (2 किमी), महुरा (4 किमी), औसान कुइयान (4 किमी), अजगरा (5 किमी) भारत भारी मंदिर के पास के गांव हैं। भारत भारी दक्षिण में रामनगर ब्लॉक उत्तर की ओर खुनियांव ब्लॉक, पूर्व की तरफ मिठवल ब्लॉक तथा दक्षिण की ओर रुधौली ब्लॉक है । यह स्थान सिद्धार्थ नगर और बस्ती जिले की सीमा पर स्थित है। ALT भारतभारी

(3)दी रॉयल रिट्रीट होटल:

ALT डी रॉयल रिट्रीट दी रॉयल रिट्रीट होटल एक शाही बंगला है जो घने पेड़ों और हरी घास के मनमोहक दृश्य से घिरा हुआ है | यह होटल मोहाना चौराहा के पास शिवपति नगर ग्राम में पर्यटकों के किये रुकने का एक अच्छा स्थल है जो  प्रमुख बौद्ध स्थलों के नजदीक है | यह होटल साल भर पर्यटकों से गुलज़ार रहता है।

http://www.trrshivpatinagar.com/index.php

(4)सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु :

सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु, सिद्धार्थ नगर 17 जून 2015 को कपिलवस्तु, सिद्धार्थ नगर में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा स्थापित एक राज्य विश्वविद्यालय है। विश्वविद्यालय ने 2015-16 में सिद्धार्थ नगर, महाराजगंज, संत कबीर नगर, बस्ती, श्रावस्ती और बलरामपुर के कॉलेजों में अपना पहला सत्र शुरू किया। ये कॉलेज पहले दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय और डॉ राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, फैजाबाद से संबद्ध थे। प्रत्येक वर्ष यह विश्वविद्यालय मार्च के महीने में वार्षिक परीक्षा आयोजित करता है। वर्तमान में विश्वविद्यालय में बीकॉम विषय की पढाई शुरू की गयी है |

https://www.sidunikapilvastu.edu.in/Public/Home.aspx

ALT सिद्धार्थ

(4)योगमाया मंदिर:

ALT योगमाया  जनपद सिद्धार्थनगर के जोगिया गांव में  योगमाया मंदिर एक प्रसिद्ध मंदिर है और यह माना जाता है कि देवी योगमाया माता का विशेष रूप से सोमवार और शुक्रवार को दर्शन करने से भक्तों की इच्छायें पूरी होती है | यहाँ पर बच्चों का मुंडन संस्कार भी होता है । मंदिर के पास स्थित नदी में डुबकी लगाने से सारें कष्टों से छुटकारा पाया जा सकता है ।

प्रत्येक वर्ष कार्तिक पूर्णिमा के दौरान योगमाया मंदिरके प्रांगण में  दो दिवसीय मेले का आयोजन किया जाता है | यहाँ पर दूर-दराज  से लोग दर्शन करने को आतें है और इन विशेष दिनों में देवी के दर्शन करने से भक्तों की सारी इच्छायें पूरी होती है। योगमाया  माता का मंदिर एक दिव्य स्थान है जहां पर भक्तों को मन की शांति मिलती है। यह भी कहा जाता है कि मंदिर को पहले “महामाया मंदिर” के रूप में जाना जाता था जिसका नाम गौतम बुद्ध की मां के नाम से लिया गया था।